
परिवारों में देखभाल को लेकर अक्सर बहस होती है, क्योंकि हर व्यक्ति की ज़रूरतों की समझ अलग होती है। एक भाई या बहन को लगता है कि माता-पिता “ठीक से सब संभाल लेते हैं”; दूसरे ने ध्यान दिया होता है कि दवाएँ छूट रही हैं और डाक के लिफ़ाफ़े खोले नहीं गए हैं। एक सरल और व्यवस्थित आकलन इन धारणाओं की जगह ज़रूरतों का साझा विवरण देता है। डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और देखभाल एजेंसियाँ इसी विवरण के बारे में पूछेंगी।
यह गाइड सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी स्वास्थ्य या सामाजिक देखभाल पेशेवर द्वारा किए जाने वाले औपचारिक आकलन का विकल्प नहीं है।
पेशेवर जिन दो सूचियों का इस्तेमाल करते हैं
देखभाल के ज़्यादातर आकलनों में रोज़मर्रा की गतिविधियों के दो समूह देखे जाते हैं।
- दैनिक जीवन की गतिविधियाँ (ADLs) बुनियादी व्यक्तिगत देखभाल से जुड़ी होती हैं: नहाना, कपड़े पहनना, शौचालय का इस्तेमाल करना, बिस्तर या कुर्सी पर बैठना और वहाँ से उठना, मल-मूत्र पर नियंत्रण रखना और खाना। इन कामों में मदद की ज़रूरत का आम तौर पर मतलब है कि हर दिन प्रत्यक्ष सहायता देनी होगी।
- दैनिक जीवन की साधनात्मक गतिविधियाँ (IADLs) वे काम हैं जो स्वतंत्र रूप से रहने के लिए ज़रूरी होते हैं: दवाएँ सही तरीके से लेना, खाना बनाना, घर की सफ़ाई और कपड़े धोना, ख़रीदारी करना, अपॉइंटमेंट पर जाना, पैसों का हिसाब रखना और फ़ोन का इस्तेमाल करना।
सुरक्षा भी मायने रखती है: याददाश्त की समस्याएँ, गिरना, रात में अकेले रहना और कई घंटों तक बिना किसी के साथ के रहना—ये सभी तय करते हैं कि कितनी निगरानी की ज़रूरत है।
चरण 1: एक हफ़्ते तक ध्यान दें
किसी भी चीज़ का आकलन करने से पहले, देखें और पूछें। हो सके तो दिन के अलग-अलग समय पर मिलने जाएँ, क्योंकि कई लोग सुबह ठीक से काम कर लेते हैं, लेकिन शाम को उन्हें मुश्किल होती है। ध्यान दें कि आपके माता-पिता कौन-से काम अकेले करते हैं, किन कामों के लिए उन्हें याद दिलाने की ज़रूरत होती है और कौन-से काम कोई और पहले से ही चुपचाप कर रहा है। इसके लिए देखभाल की रोज़ की डायरी काम आ सकती है।
चरण 2: हर गतिविधि का स्तर तय करें
हर गतिविधि के लिए तीन स्तरों में से एक चुनें: बिना मदद के, कुछ मदद (याद दिलाना, निगरानी करना या काम के किसी हिस्से में सहायता देना) या पूरी मदद। हमारी मुफ़्त देखभाल की ज़रूरतों के आकलन की चेकलिस्ट में सभी सत्रह गतिविधियाँ दी गई हैं। आप हर गतिविधि के साथ एक नोट जोड़ सकते हैं और कुल नतीजा देख सकते हैं। आकलन इस आधार पर करें कि वास्तव में क्या होता है, न कि इस आधार पर कि आपके माता-पिता क्या कहते हैं कि वे कर सकते हैं; कई लोग परिवार को चिंता से बचाने के लिए अपनी मुश्किलें कम करके बताते हैं।
चरण 3: पूरी तस्वीर को समझें
- ज़्यादातर काम बिना मदद के: घर के कुछ कामों में मदद की ज़रूरत। परिवार के सदस्यों का मिलने आना, याद दिलाना और साप्ताहिक शेड्यूल आम तौर पर पर्याप्त होते हैं।
- नियमित सहायता: कई गतिविधियों में मदद की ज़रूरत, जिनमें व्यक्तिगत देखभाल के कुछ काम भी शामिल हैं। साझा शेड्यूल बनाना, कुछ घंटों के लिए वेतनभोगी देखभालकर्ता रखना और घर की सुरक्षा की जाँच करवाना उचित होगा।
- हर दिन व्यापक सहायता: व्यक्तिगत देखभाल या सुरक्षा के लिए पूरी मदद की ज़रूरत। हर दिन प्रत्यक्ष देखभाल की संभावना है। औपचारिक आकलन और देखभाल के विकल्पों पर चर्चा करने में देर नहीं करनी चाहिए।
चरण 4: यह जानकारी डॉक्टर के साथ साझा करें
चलने-फिरने, याददाश्त या मल-मूत्र पर नियंत्रण में बदलाव के कभी-कभी ऐसे कारण हो सकते हैं जिनका इलाज संभव है, जैसे संक्रमण, दवाओं के दुष्प्रभाव या कमज़ोर नज़र। अगली अपॉइंटमेंट पर छपा हुआ सारांश साथ ले जाएँ और पूछें कि क्या किसी वजह से यह बदलाव आया हो सकता है। अपॉइंटमेंट की तैयारी शीट से आपको कम समय की मुलाक़ात में सभी ज़रूरी बातें पूछने में मदद मिलेगी।
ज़रूरतें बदलें तो दोबारा आकलन करें
ज़रूरतें बदलती रहती हैं—कभी-कभी अचानक भी। हर कुछ महीनों में, अस्पताल में भर्ती रहने या गिरने के बाद, और जब भी कुछ अलग लगे, चेकलिस्ट दोबारा भरें। तारीख़ वाले प्रिंटआउट संभालकर रखने से बदलाव का रुझान पता चलता है, जो अक्सर पेशेवरों के लिए किसी एक समय की स्थिति से ज़्यादा उपयोगी होता है।
स्रोत
- What Is Long-Term Care? — National Institute on Aging
- Long-term care — Medicare.gov
- Caregiving — Centers for Disease Control and Prevention
CareTaskNest परिवारों को रोज़मर्रा की देखभाल व्यवस्थित करने में मदद करता है। यह चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार नहीं देता। आपात स्थिति में अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।